मुख्यमंत्री उद्दमी योजना

Laghu Udyami Yojana: बिहार सरकार ने राज्य के युवाओं के लिए "मुख्यमंत्री उद्दमी योजना" लॉन्च किया है। इस योजना को बिहार के उद्योग विभाग ने राज्य के बेरोजगार युवाओं को स्व-रोजगार एवं उद्योग स्थापित करने के लिए लॉन्च किया है। "बिहार लघु उद्दमी योजना" के तहत अधिकतम 10 लाख का ऋण सिर्फ 1% ब्याज दर पर स्वीकृत किया जाएगा। 18 से 50 साल तक के सभी वर्गों और जाति-समुदायों के इच्छुक लोगों को इसका लाभ मिलेगा। इस योजना का लाभ परिवार के किसी एक सदस्य को ही मिलेगा।

योग्यता क्या होनी चाहिए?

बिहार लघु उद्यमी योजना का क्रियान्वयन यानी प्रबंधन "बिहार स्टार्टअप फंड ट्रस्ट" द्वारा किया जा रहा है। इसका लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित योग्यता निर्धारित की गई है।

  • बिहार के सिर्फ स्थायी निवासी को इस योजना का लाभ मिलेगा।
  • लाभार्थी बनने के लिए कम से कम 12वीं, आईटीआई, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा या समकक्ष उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
  • आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • प्रोपराइटरशिप के तौर पर काम करने वाले भी इस योजना का लाभ उठाने के लिए योग्य हैं।

योजना के लिए अप्लाई कैसे करें?

बिहार के उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने मुख्यमंत्री उद्दमी योजना का लाभ उठाने के लिए एक आधिकारिक वेब पोर्टल लॉन्च किया है। आप ऑनलाइन वेब पोर्टल www.Udyami.bihar.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।आवेदन करने का समय 19 फरवरी से 5 मार्च 2025 तक सीमांकित किया गया है।

60 हजार लाभार्थियों का कम्प्यूटरीकृत रेंडमाइजेशन प्रक्रिया के माध्यम से चयन किया जाएगा। प्रत्येक लाभार्थी को परियोजना के अनुसार 2 किस्तों में पैसा दिया जाएगा। पहली किस्त मिलने के 30 दिन के अंदर जिला उद्योग केंद्र के व्यय कर महाप्रबंधक के सत्यापन के उपरांत 3 कार्य दिवस के अंदर दूसरी किस्त की स्वीकृति की जाएगी।

लोन लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • 10वीं का सर्टिफिकेट
  • जन्म प्रमाण पत्र
  • निवास प्रमाण पत्र
  • जाति प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • बैंक खाता स्टेटमेंट
  • कैंसिल चेक बुक
  • फोटो (हस्ताक्षर के साथ)

चयन और रकम स्वीकृति प्रक्रिया

  • योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष के प्रथम तिमाही में आवेदन पत्र प्राप्त किया जाएगा।
  • तिमाही समाप्त होने के 15 दिनों के अंदर प्रधान सचिव की अध्यक्षता में उद्योग विभाग की चयन समिति द्वारा उद्यमी की परियोजनाओं की प्रारंभिक जांच की जाएगी।
  • उसके बाद आवेदनों की सूची को जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक को भौतिक सत्यापन के लिए भेजा जाएगा।
  • तत्पश्चात विभाग द्वारा सूचीबद्ध प्रशिक्षण संस्थानों में 02 सप्ताह के लिए भेजा जाएगा।
  • प्रशिक्षण समाप्ति के उपरांत प्रोजेक्ट में राशि की आवश्यकता का मूल्यांकन किया जाएगा। उसके बाद उद्यमी परियोजना में लगने वाली राशि को अधिकतम दो चरणों में स्वीकृति दी जाएगी।
  • अगर अपेक्षित 30 दिनों के अंदर लाभार्थी को व्यय से संबंधित कोई भी समस्या होगी, तो महाप्रबंधक द्वारा अतिरिक्त 15 दिनों की मदद दी जाएगी।
  • द्वितीय किस्त मिलने के 45 दिनों के अंदर उत्पादन प्रारंभ करना सुनिश्चित करना होगा। अन्यथा कार्यवाही की जाएगी।

बिहार लघु उद्यमी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2023-2024 की पहली किस्त में कुल 40099 लाभार्थियों के बीच 200.49 करोड़ रुपये का वितरण किया गया था। सामान्य वर्ग के 4250, पिछड़ा वर्ग के 10305, अत्यन्त पिछड़ा वर्ग के 14690, अनुसूचित जाति के 10337, और अनुसूचित जनजाति के 518 लाभार्थी शामिल थे।