सुनीता विलियम्स और बैरी विल्मोर की तस्वीर।

अमेरिकी एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) और बैरी विल्मोर (Barry Wilmore) इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से 9 महीने 14 दिन बाद पृथ्वी पर सुरक्षित लौटे। उनके साथ क्रू-9 के दो एस्ट्रोनॉट, अमेरिका के निक हेग और रूस के अलेक्सांद्र गोरबुनोव मौजूद थे। इलॉन मस्क की कंपनी SPACE-X की ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट से चारों एस्ट्रोनॉट 19 मार्च 2025 को भारतीय समय (IST) अनुसार सुबह 3:30 बजे फ्लोरिडा में समुद्र तट पर लैंड (स्प्लैशडाउन) हुए थे।

सुनीता विलियम्स और बैरी विल्मोर की अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी के बाद NASA ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट बनाने वाली कंपनी स्पेस-एक्स को धन्यवाद दिया। 5 जून 2024 को एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और बैरी विल्मोर को बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट से 8 दिन के लिए "क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन" के लिए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन भेजा गया था।

क्रू-9 मिशन वापसी के बाद NASA का प्रेस कॉन्फ्रेंस

पृथ्वी तक पहुंचने में कितना समय लगा?

  • IST अनुसार, 18 मार्च की सुबह 08:35 बजे स्पेसक्राफ्ट का दरवाजा बंद हुआ और लगभग 2 घंटे बाद स्पेसक्राफ्ट इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से अलग हुआ।
  • 19 मार्च की देर रात 02:41 बजे स्पेसक्राफ्ट को पृथ्वी की कक्षा की दिशा में फायर किया गया और सुबह 03:30 बजे फ्लोरिडा में समुद्र तट पर लैंडिंग हुआ।

दोनों एस्ट्रोनॉट 284 दिन ISS में कैसे फंसे रहें?

  • IST अनुसार, 5 जून 2024 की रात 08:22 बजे बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट को एटलस V रॉकेट के जरिए भेजा गया था, जिसमें दो अमेरिकी एस्ट्रोनॉट्स सुनीता विलियम्स और बैरी विल्मोर सवार थे।

  • स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट को बोइंग और NASA के 8 दिनों के जॉइंट प्रोजेक्ट "क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन" के उद्देश्य से भेजा गया था।
  • ISS में कई रिसर्च और एक्सपेरिमेंट करना था, और 8 दिन बाद वापस लौटकर स्पेसक्राफ्ट की क्षमता को भी टेस्ट करना था।
  • ISS में पहुंचने से पहले ही स्पेसक्राफ्ट के थ्रस्टर में खराबी आ गई थी, जिसके कारण स्पेसक्राफ्ट 6 जून की रात 09:45 की जगह 11:03 बजे पहुंचा।
  • स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट के 28 रिएक्शन कंट्रोल थ्रस्टर में से 5 खराब हो गए थे। हीलियम भी लीक हुआ था। ऐसे में स्पेसक्राफ्ट की सुरक्षित वापसी को लेकर NASA के वैज्ञानिकों के दिल में डर था।
  • NASA के विशिष्ट वैज्ञानिकों के फैसले से 6 सितंबर 2024 को सिर्फ स्पेसक्राफ्ट को धरती पर वापस लाया गया था। इसी वजह से दोनों एस्ट्रोनॉट्स 9 महीने 14 दिन तक ISS में फंसे रहे।

सुनीता और विल्मोर पृथ्वी पर वापस कैसे पहुंचे?

  • एस्ट्रोनॉट्स को धरती पर वापस लाने की जिम्मेदारी SPACE-X को दी गई थी।
  • 28 सितंबर 2024 को SPACE-X ने क्रू-9 मिशन लॉन्च किया था। जिस स्पेसक्राफ्ट का इस्तेमाल किया गया था, उसमें 4 में से 2 सीट सुनीता विलियम्स और बैरी विल्मोर के लिए खाली रखी गई थी।ISS में इनके पहुंचने के बाद, क्रू-8 मिशन में गए एस्ट्रोनॉट्स पृथ्वी पर वापस लौटे।
  • 15 मार्च 2025 को इलॉन मस्क की कंपनी SPACE-X ने क्रू-10 मिशन को लॉन्च किया, जो 16 मार्च को ISS पहुंचा था।
  • क्रू-10 मिशन पर गए एस्ट्रोनॉट्स को जिम्मेदारी सौंपने के बाद सुनीता विलियम्स और बैरी विल्मोर क्रू-9 मिशन पर गए एस्ट्रोनॉट के साथ पृथ्वी पर वापस लौटे।
  • जिस स्पेसक्राफ्ट से चारों एस्ट्रोनॉट्स वापस पृथ्वी पर लौटे हैं, वह ISS में सितंबर महीने से ही पार्क था।

धरती पर लौटते वक्त एस्ट्रोनॉट्स को खतरा

  • पहला - ISS से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते समय कैप्सूल का एंगल गलत दिशा में हुआ तो ड्रैगन कैप्सूल यानी (स्पेसक्राफ्ट) नष्ट हो सकता है।
  • अंतरिक्ष में कैप्सूल लगभग 27000 किमी/घंटे की रफ्तार से यात्रा करती हैं। अगर कैप्सूल तीव्र एंगल बनाते हुए पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करता है तो घर्षण ज्यादा होगा, तापमान 1500 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा हो जाएगा और स्पेसक्राफ्ट की हीट शील्ड जल जाएगी। जिसके कारण कैप्सूल भी जल जाएगा और एस्ट्रोनॉट भाप बन जाएंगे।
  • अगर कैप्सूल को कम प्रभाव से वायुमंडल में प्रवेश कराया गया, तो कैप्सूल वायुमंडल से टकराकर असीमित समय के लिए स्पेस के किसी अन्य ऑर्बिट में जाकर फंस जाएगा। ऐसी स्थिति में कैप्सूल को खोजने में एजेंसी को काफी दिक्कत होगी।  
  • दूसरा - थ्रस्टर खराब हुआ, तो समस्या को रिकवर करना काफी मुश्किल होगा।  
  • तीसरा - सही समय पर पैराशूट नहीं खुला, तो एस्ट्रोनॉट्स के लिए खतरा बढ़ जाता है।