भारतीय जनता पार्टी ने 27 साल बाद दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 पूर्ण बहुमत के साथ जीता था। भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के अनुसार, भाजपा ने 48 सीटें जीतीं थी। आम आदमी पार्टी को 22 सीटों पर जीत मिली, जबकि कांग्रेस का खाता तक नहीं खुल पाया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक जीत को भारत के विकास की जीत बताया था।
वहीं, 1993 में भाजपा ने 53 सीटें जीतीं; 5 साल के कार्यकाल में सुषमा स्वराज, मदन लाल खुराना और साहिब सिंह वर्मा को सीएम बनाया गया था।
कौन कितने वोटों से जीता और हारा?
आम आदमी पार्टी का प्रत्याशी
- अरविंद केजरीवाल - 4089 वोट से हारे
- मनीष सिसोदिया - 675 वोट से हारे
- आतिशी मार्लेना - 989 वोट से जीती
- सत्येन्द्र कुमार जैन - 20998 वोट से हारे
- सोमनाथ भारती - 2131 वोट से हारे
- सौरभ भारद्वाज - 3188 वोट से हारे
- अमानतुल्लाह खान - 23594 वोट से हारे
- अवध ओझा - 28072 वोट से हारे
- गोपाल राय - 18994 वोट से जीते
- शोएब इकबाल - 42724 वोट से जीते
- राखी बिड़ला - 10899 वोट से हारीं
भारतीय जनता पार्टी का प्रत्याशी
- प्रवेश वर्मा - नई दिल्ली सीट पर 4089 वोट से जीते
- विजेंदर गुप्ता - रोहिणी सीट पर 37816 वोट से जीते
- कैलाश गहलोत - बिजवासन सीट पर 11276 वोट से जीते
- सतीश उपाध्याय - मालवीय नगर सीट पर 2131 वोट से जीते
- रमेश बिधुड़ी - कालकाजी सीट पर 989 वोट से हारे
- अरविंद सिंह लवली - गांधीनगर सीट पर 12748 वोट से जीते
- कपिल मिश्रा - करावल नगर सीट पर 23355 वोट से जीते
- मंजिंदर सिंह सिरसा - राजौरी गार्डन सीट पर 18190 वोट से जीते
कांग्रेस पार्टी का प्रत्याशी
- संदीप दीक्षित - नई दिल्ली सीट पर 25520 वोट से हारे
- हारून यूसुफ - बल्लीमारान सीट पर 43945 वोट से हारे
- अलका लांबा - कालकाजी सीट पर 38153 वोट से हारे
- रागिनी नायक - वजीरपुर सीट पर 48373 वोट से हारे
- कृष्णा तीरथ - पटेल नगर सीट पर 52858 वोट से हारीं
RSS ने मुख्यमंत्री पद के लिए रेखा गुप्ता का नाम क्यों चुना था?
भाजपा ने रेखा गुप्ता को दिल्ली की मुख्यमंत्री बनाया। उनकी उम्र 50 साल थी, जब उन्होंने दिल्ली की 9वीं और चौथी महिला मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। दिल्ली की शालीमार बाग सीट पर उन्हें जीत मिली थी। उन्होंने आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार वंदना कुमारी को 29,595 वोटों से हराया था।
रेखा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ी थीं, RSS ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा के सामने रेखा गुप्ता का नाम रखा था। आरएसएस के आदेश पर भाजपा ने रेखा गुप्ता के नाम पर मुहर लगाई थी। उसके बाद उन्हें दिल्ली की मुख्यमंत्री बना दिया गया।
रेखा को CM बनाने की बड़ी वजह
पहला—
रेखा गुप्ता दिल्ली के पूर्व CM अरविंद केजरीवाल की तरह वैश्य समुदाय से आती हैं। वैश्य समुदाय दिल्ली के अंदर व्यापार को लेकर अहम भागीदारीनिभाताहै। इसके अलावा, यह समुदाय भाजपा का कोर वोटर है। यह पहला कारण है कि दिल्ली में रेखा गुप्ता को CM का पद दिया गया है।
दूसरा -
दिल्ली में महिला वोटरों से भाजपा को ज्यादा लाभ हुआ। दिल्ली विधानसभा चुनाव में BJP ने कुल 48 सीटेंजीतीं, और लगभग 46 प्रतिशत वोट मिले। क्योंकि BJP ने चुनाव से पहले महिलाओं के लिए कई योजनाओं का ऐलान किया था।
- महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये सीधे उनके बैंक खातों में डाला जाएगा। इसकी शुरुआत अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च से की जा सकती है।
- दिल्ली में घरेलू काम करने वाली महिलाओं के कल्याण के लिए बोर्ड बनाने का ऐलान किया गया था।
- महिलाओं को सिलेंडर पर 500 रुपये की सब्सिडी, होली और दीपावली पर एक-एक मुफ्त सिलेंडर दिया जाएगा।
- मातृ सुरक्षा वंदना योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को 21 हजार रुपये देने का ऐलान किया गया, साथ ही 6 पोषण किट भी दिए जाएंगे।
- महिलाओं को फ्री बस सर्विस की भी सुविधा दी गई थी।
तीसरा—
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जैसे दिग्गज सभी नेताओं ने रेखा गुप्ता के लिए चुनाव से पहले प्रचार-प्रसार किया था। इनसे पहले दिल्ली में 3 महिला CM रह चुकी हैं, जिनमें से एक कांग्रेस की दिग्गज महिला मुख्यमंत्री "शीला दीक्षित" थी।
यही वजह है कि BJP 26 साल बाद वैसी ही दिग्गज महिला मुख्यमंत्री बनाना चाहती थी। भाजपा ने भी रेखा गुप्ता को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाकर कांग्रेस जैसा इतिहास बनाना चाहती थी। इसलिए भाजपा ने महिलाओं को साधते हुए रेखा गुप्ता को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाया।
